किराड़ी क्षेत्र में मिथिलांचल और पूर्वांचल के लोगों की बड़ी संख्या निवास करती है। बिहार से पलायन कर दिल्ली में रोजी-रोटी के लिए बसे ये लोग राजधानी में रहते हुए भी अपनी संस्कृति और संस्कारों से गहराई से जुड़े हुए हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मिथिला भवन में रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
समारोह में उपस्थित लोगों ने पारंपरिक गीत-संगीत पर झूमते हुए एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। पूरे परिसर में उल्लास और भाईचारे का वातावरण बना रहा।
नव मिथिलांचल विकास समिति के अध्यक्ष सतीश मिश्रा ने बताया कि समिति पिछले 30 वर्षों से दिल्ली में मिथिलांचल की संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। साथ ही संस्था सामाजिक कार्यों और जन-शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। महासचिव नवीन ठाकुर ने कहा कि होली मिलन कार्यक्रम में हर आयु वर्ग के लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रहती है, जो समाज की एकजुटता को दर्शाती है।
कार्यक्रम में राकेश झा, शंभु शर्मा जी, अजय ठाकुर चंदन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
