बिहार के खेल जगत में एक ऐतिहासिक और दूरगामी पहल को गति मिली है। वर्ल्ड स्विमिंग फेडरेशन के सहयोग से बिहार में विश्वस्तरीय तैराक तैयार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। इस पहल के तहत राज्य में एक विश्वस्तरीय स्विमिंग एकेडमी की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ताशकंद दौरे के दौरान खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और वर्ल्ड स्विमिंग फेडरेशन के अध्यक्ष कैप्टन हुसैन के बीच इस संबंध में औपचारिक सहमति बनी।
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण खेल शंकरण तथा खेल विभाग के सचिव महेन्द्र कुमार के साथ मिलकर ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के महानिदेशक कैप्टन हुसैन से महत्वपूर्ण बैठक की। उल्लेखनीय है कि कैप्टन हुसैन वर्ल्ड एक्वेटिक्स फेडरेशन (पूर्व विश्व स्विमिंग फेडरेशन) के अध्यक्ष भी हैं। यह उच्च-स्तरीय बैठक OCA की वार्षिक महासभा के अवसर पर हुई, जिसमें बिहार में स्विमिंग एवं एक्वेटिक खेलों के विकास को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने पर व्यापक चर्चा हुई।
बिहार देश का पहला और एकमात्र राज्य है जिसने ताशकंद में अपने प्रतिनिधि भेजकर ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया और वर्ल्ड फेडरेशन के सदस्यों के साथ प्रत्यक्ष संवाद और ज्ञान साझा किया। यह पहल राज्य सरकार की खेल विकास के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस बैठक को सफल बनाने में इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन के अध्यक्ष तैयब इकराम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खेल नेतृत्व और बिहार प्रतिनिधिमंडल के बीच संवाद को सुगम बनाया, जिससे दीर्घकालिक सहयोग और रणनीतिक विकास पर सार्थक बातचीत संभव हो सकी।
बैठक के सकारात्मक परिणामस्वरूप OCA ने बिहार प्रतिनिधिमंडल के तीनों सदस्यों को आगामी OCA AGM में भाग लेने के लिए आधिकारिक मान्यता प्रदान की। इससे बिहार के खेल प्रशासन को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं, गवर्नेंस ढांचे और रणनीतिक योजना की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।
बैठक में बिहार में स्विमिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने, एथलीट विकास के प्रभावी मॉडल अपनाने और राष्ट्रीय स्तर की स्विमिंग प्रतियोगिताओं के आयोजन पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके फलस्वरूप बिहार सरकार के खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, भारतीय स्विमिंग फेडरेशन, राष्ट्रीय स्विमिंग फेडरेशन और वर्ल्ड एक्वेटिक्स फेडरेशन के बीच सहयोग के लिए सैद्धांतिक सहमति बनी। सभी पक्षों ने इस सहयोग को औपचारिक रूप देने के लिए लिखित मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर करने तथा स्पष्ट रोडमैप तय करने पर सहमति जताई।
वर्ल्ड एक्वेटिक्स फेडरेशन के अध्यक्ष ने शिक्षा और खेल के समन्वय पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा और खेल एक साथ आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक एथलीटों का समग्र और टिकाऊ विकास संभव नहीं है। उन्होंने प्रस्तावित स्विमिंग डेवलपमेंट एकेडमी और ग्रासरूट स्विमिंग स्कूलों में हॉस्टल सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ाव सुनिश्चित करने की सलाह दी।
इस दौरे के दौरान वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष मोहम्मद जलूद, एशियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ और इंडियन ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी टी उषा के साथ भी महत्वपूर्ण और सकारात्मक चर्चा हुई, जिससे बिहार के खेल विकास को बहुआयामी समर्थन मिलने की संभावना मजबूत हुई है।
इसके साथ ही बिहार की नेशनल चैंपियन तैराक माही श्वेत राज को बेहतर और उन्नत प्रशिक्षण के लिए वर्ल्ड स्विमिंग फेडरेशन के सहयोग से विदेश भेजे जाने का निर्णय लिया गया है। यह कदम बिहार की युवा खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
यह पूरी पहल बिहार में स्विमिंग और एक्वेटिक खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़े एक मजबूत और टिकाऊ इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
