पटना जिले की सभी परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति एसडीओ और एसडीपीओ कर रहे हैं व्यवधानों का समाधान
जनहित के कार्यों के प्रति संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन डीएम
समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा कि जिले में राज्य-सम्पोषित एवं केन्द्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में संतोषजनक और तेज प्रगति हो रही है। आ रही छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष रुचि लेकर किया जा रहा है। वे आज पटना समाहरणालय में आयोजित परियोजना अनुश्रवण समूह (प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 30 से अधिक केन्द्रीय एवं राज्य-सम्पोषित परियोजनाएं तेजी से संचालित हैं और इतनी बड़ी संख्या में विकास योजनाओं का एक साथ प्रभावी क्रियान्वयन किया जाना हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं नियमित रूप से परियोजना स्थलों का भ्रमण कर कार्यों की प्रगति का निरीक्षण कर रहे हैं और शाम एवं रात्रि में भी स्थलीय निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसियों को योजनाओं का तत्परता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने विकास योजनाओं के मार्ग में आ रही संरचनाओं का नियमानुसार स्थानांतरण करने, विधिपूर्वक अतिक्रमण हटाने, मुआवजा भुगतान में तेजी लाने तथा जनहित की योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयसीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने उप विकास आयुक्त, पटना को अपर समाहर्त्ता, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) तथा अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था) के साथ संयुक्त रूप से परियोजना स्थलों का भ्रमण करने का निर्देश दिया। यदि संरचना स्थानांतरण, अतिक्रमण या भू-अर्जन से संबंधित कोई समस्या उत्पन्न हो तो सभी स्टेकहोल्डर्स से संवाद स्थापित कर नियमानुसार शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में एनएचएआई, मेट्रो, रेलवे, पुल निर्माण निगम, पथ निर्माण विभाग, आईओसीएल, गेल सहित जिले में संचालित 30 से अधिक परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधियाची विभागों द्वारा नामित नोडल पदाधिकारियों को क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों में प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी परियोजना स्थल पर अतिक्रमण की स्थिति में संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जिला नियंत्रण कक्ष से समन्वय कर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करते हुए त्वरित कार्रवाई करें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी क्रियान्वयन एजेंसियों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। हितबद्ध रैयतों, आम जनता और क्रियान्वयन एजेंसियों सहित सभी स्टेकहोल्डर्स को विश्वास में लेकर जनहित के कार्यों को संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सुरक्षा मानकों, पर्यावरण संरक्षण और एसओपी के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या जोखिम की स्थिति उत्पन्न न हो। अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को इसका नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया।
भू-अर्जन और भू-हस्तांतरण से जुड़े लंबित मामलों पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को मुआवजा भुगतान के सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना में हितबद्ध रैयतों को मुआवजा भुगतान में देरी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकतानुसार मौजा-वार शिविर लगाकर आवेदन सृजन एवं त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इन शिविरों में अंचल कार्यालय, भू-अर्जन कार्यालय और संबंधित एजेंसी के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहेंगे। अंचल अधिकारी द्वारा आवश्यकतानुसार एलपीसी निर्गत की जाएगी।
बैठक में विभिन्न परियोजनाओं को लेकर जिलाधिकारी द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश निम्नवत हैं:
अनुमंडल पदाधिकारी एवं अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) को मेट्रो परियोजना के लिए एजेंसी को हरसंभव सहयोग प्रदान करने का निर्देश।
पटना मेट्रो परियोजना के प्रायोरिटी कॉरिडोर पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, बैरिया से मलाही पकड़ी तक कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसके शेष कार्यों को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश।
पटना मेट्रो रेल परियोजना में भू-अर्जन एवं भू-हस्तांतरण से संबंधित मामलों को लगभग पूर्ण बताते हुए शेष मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश।
दानापुर–बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को जनहित की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना बताते हुए सभी स्टेकहोल्डर्स से समन्वय कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश।
भारतमाला परियोजना अंतर्गत पटना–आरा–सासाराम एनएच-119ए परियोजना में मुआवजा भुगतान को मिशन मोड में पूरा करने और साप्ताहिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश।
पटना रिंग रोड अंतर्गत कन्हौली–शेरपुर परियोजना तथा रामनगर–कच्ची दरगाह (एनएच-119डी) परियोजना में भू-अर्जन एवं क्रियान्वयन कार्यों में तेजी लाने का निर्देश।
सभी अंचलाधिकारियों को विभिन्न परियोजनाओं के मार्ग से अतिक्रमण हटाने हेतु त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश।
माननीय मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं के अनुरूप सभी योजनाओं पर समयबद्ध ढंग से कार्य करने का निर्देश।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सफल और समयबद्ध क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था), अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था), जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित एनएचएआई, पुल निर्माण निगम, बीएसआरडीसीएल, एनटीपीसी, रेलवे एवं अन्य विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता एवं अंचलाधिकारी भी बैठक में सम्मिलित हुए।
