भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में बिहार के प्रतिनिधिमंडल ने ताशकंद में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण तथा खेल विभाग के सचिव महेंद्र कुमार भी प्रतिनिधिमंडल के साथ उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने शास्त्री मेमोरियल कॉर्नर पर 21 लाल गुलाबों का गुलदस्ता अर्पित कर देश के महान नेता को नमन किया। यह स्थल 1966 की ऐतिहासिक ताशकंद घोषणा की स्मृति में स्थापित किया गया है, जहां लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा भारत की शांतिपूर्ण कूटनीति, दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्रहित में सर्वोच्च बलिदान की प्रतीक के रूप में विराजमान है। गणतंत्र दिवस के दिन इस स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करना प्रतिनिधिमंडल के लिए विशेष रूप से भावनात्मक और गौरवपूर्ण क्षण रहा।
इसी दिन भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया की 46वीं वार्षिक आम महासभा में सक्रिय सहभागिता की। इस ऐतिहासिक बैठक में कतर ओलंपिक कमेटी के प्रमुख हिज हाइनेस शेख जोआन बिन हमद अल थानी को सर्वसम्मति से ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया का नया अध्यक्ष चुना गया। महासभा में उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव, OCA के महानिदेशक हुसैन अल-मुसल्लम सहित एशिया के सभी सदस्य देशों के नेशनल ओलंपिक कमेटियों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न एशियाई और अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। यह आयोजन एशिया में खेलों के विकास हेतु महाद्वीपीय एकता और सहयोग का सशक्त संदेश लेकर आया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की अध्यक्ष पी.टी. उषा ने किया। उनके साथ IOA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रघुराम अय्यर तथा बिहार से आए प्रतिनिधि भी शामिल थे। महासभा के दौरान एशियन आर्चरी फेडरेशन और OCA के कार्यकारी सदस्यों के साथ सार्थक विचार-विमर्श हुआ, जिसमें भविष्य के सहयोग, साझा खेल विकास योजनाओं और दीर्घकालिक रणनीतियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
इसके अलावा, बिहार के प्रतिनिधिमंडल ने ताशकंद में नवनिर्मित अत्याधुनिक ओलंपिक विलेज का दौरा भी किया। यह परिसर विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां स्विमिंग, ट्रैक साइक्लिंग, बॉक्सिंग, फुटबॉल, एथलेटिक्स, हॉकी, हैंडबॉल, वॉलीबॉल और कुश्ती सहित अनेक खेलों के लिए सभी मौसमों में उपयोग योग्य इनडोर सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह ओलंपिक विलेज किसी एक आयोजन तक सीमित न रहकर दीर्घकालिक उपयोग को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
ओलंपिक विलेज की सबसे बड़ी विशेषता इसका मॉड्यूलर डिज़ाइन है, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय खेल मानकों से समझौता किए बिना आवश्यकतानुसार सुविधाओं को स्थानांतरित और पुनः उपयोग किया जा सकता है। उन्नत तकनीक, नवाचारपूर्ण निर्माण सामग्री और टिकाऊ वास्तुकला पर आधारित यह मॉडल समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता वाली खेल संरचना के निर्माण की नई दिशा प्रस्तुत करता है।
इस दौरे से प्राप्त आधुनिक खेल अवसंरचना नियोजन, नवाचार और कुशल कार्यान्वयन से जुड़ी जानकारियां बिहार के प्रतिनिधिमंडल के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहीं। इन सकारात्मक अनुभवों से बिहार में भविष्य में विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं के विकास को नई गति और ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई गई है।
